जिम में दस लोगों से पूछिए कि दुनिया का सबसे बेस्ट बॉडीबिल्डर कौन है, तो दस अलग जवाब मिलेंगे। इसका सबसे सही फ़ैसला उसी मंच से होता है जो सबसे बड़ा है: मिस्टर ओलंपिया, जो 1965 से प्रोफ़ेशनल बॉडीबिल्डिंग का सबसे बड़ा ख़िताब है। नीचे दिए हर नाम ने यह ख़िताब जीता है, ज़्यादातर ने कई बार।
ये हैं अब तक के 10 सबसे महान बॉडीबिल्डर, उनके दौर के क्रम में, और हर एक से एक सीख जो आप अपनी ट्रेनिंग में अपना सकते हैं।
1. लैरी स्कॉट: पहले मिस्टर ओलंपिया
लैरी स्कॉट ने 1965 में पहला मिस्टर ओलंपिया जीता, 1966 में फिर जीता, और फिर शिखर पर रहते हुए संन्यास ले लिया। उनकी बाइसेप्स मशहूर थी। तिरछे पैड पर किया जाने वाला कर्ल आज भी "स्कॉट कर्ल" कहलाता है, ज़्यादातर जिम में इसे प्रीचर कर्ल कहते हैं।
सीख: अपनी कमज़ोरी चुनिए और उस पर पूरा ध्यान दीजिए। स्कॉट की बाँहें जन्म से बड़ी नहीं थीं, उन्होंने बनाईं।
2. सर्जियो ओलिवा: "द मिथ"
सर्जियो ओलिवा ने लगातार तीन बार (1967 से 1969) मिस्टर ओलंपिया जीता। चौड़ी पीठ और पतली कमर उस ज़माने में अविश्वसनीय लगती थी, इसीलिए उन्हें "द मिथ" कहा गया। 1969 में उन्होंने युवा अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर को हराया था।
सीख: पतली कमर से बाक़ी शरीर और बड़ा दिखता है। कोर की ट्रेनिंग कीजिए और खाना साफ़ रखिए।
3. अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर: सबसे मशहूर

अर्नोल्ड ने सात बार मिस्टर ओलंपिया जीता: 1970 से 1975 तक लगातार छह बार, और फिर 1980 में। 1977 की फ़िल्म पंपिंग आयरन ने उन्हें स्टार बना दिया और जिम को आम लोगों तक पहुँचाया। बाद में वे हॉलीवुड एक्टर और कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर बने।
सीख: ऐसा लक्ष्य रखिए जो आँखों के सामने दिखे। अर्नोल्ड हर वर्कआउट से पहले अपनी मनचाही बॉडी की तस्वीर मन में बनाते थे। उनकी ट्रेनिंग की नींव थी बेंच प्रेस, बैक स्क्वाट और डेडलिफ्ट जैसी बेसिक एक्सरसाइज़।
4. फ़्रैंक ज़ेन: साइज़ से ज़्यादा शेप

फ़्रैंक ज़ेन ने अपने विरोधियों से काफ़ी हल्के होकर भी तीन बार (1977 से 1979) मिस्टर ओलंपिया जीता। उनकी जीत का राज़ था संतुलित शरीर, पतले जोड़ और कसी हुई कमर। आज भी कई लोग उनकी बॉडी को अब तक की सबसे ख़ूबसूरत बॉडी मानते हैं।
सीख: संतुलन ज़रूरी है। हर मसल की ट्रेनिंग कीजिए, सिर्फ़ उनकी नहीं जो शीशे में दिखती हैं।
5. ली हेनी: लगातार आठ बार

ली हेनी ने 1984 से 1991 तक लगातार आठ बार मिस्टर ओलंपिया जीता। इस रिकॉर्ड की बराबरी तो हुई, पर यह कभी टूटा नहीं। उनका मंत्र था "मसल को जगाओ, बर्बाद मत करो": मेहनत से ट्रेन करो, फिर आराम करने दो।
सीख: ज़्यादा हमेशा बेहतर नहीं होता। मसल असल में आराम के समय बढ़ती है।
6. डोरियन येट्स: छोटा पर बेहद कड़ा वर्कआउट

ब्रिटेन के इस चैंपियन ने 1992 से 1997 तक छह ख़िताब जीते। वे बर्मिंघम के टेम्पल जिम में छोटे वर्कआउट करते थे: कम सेट, पर हर सेट पूरी ताक़त से। उनकी मोटी, चौड़ी पीठ ने जजों की उम्मीदें बदल दीं।
सीख: एक सच में मुश्किल सेट तीन आसान सेट से बेहतर है। अपने वज़न लिखिए और हर बार उन्हें हराइए।
7. रोनी कोलमैन: "लाइट वेट, बेबी!"

रोनी कोलमैन ने 1998 से 2005 तक लगातार आठ ख़िताब जीतकर ली हेनी की बराबरी की। कॉम्पिटिशन के दौरान वे टेक्सास में पुलिस ऑफ़िसर थे। भारी स्क्वाट और डेडलिफ्ट करते हुए "येह बडी!" चिल्लाने वाले उनके वीडियो आज भी करोड़ों लोग देखते हैं।
सीख: मेहनत से प्यार कीजिए। पर भारी वज़न की क़ीमत भी होती है: बाद में उनकी कई सर्जरी हुईं। इसलिए वज़न बढ़ाने से पहले सही फ़ॉर्म सीखिए।
8. जे कटलर: वापसी की मिसाल

जे कटलर चार बार रोनी कोलमैन से दूसरे नंबर पर रहे, फिर आख़िरकार 2006 में उन्हें हराया। उन्होंने चार ख़िताब (2006, 2007, 2009, 2010) जीते, और हारने के बाद ख़िताब वापस जीतने वाले पहले व्यक्ति बने।
सीख: हार भी सफ़र का हिस्सा है। बस आते रहिए।
9. फ़िल हीथ: "द गिफ़्ट"

फ़िल हीथ कॉलेज में बास्केटबॉल खेलते थे और बीस की उम्र के बाद बॉडीबिल्डिंग शुरू की। फिर उन्होंने 2011 से 2017 तक लगातार सात मिस्टर ओलंपिया जीते, रिकॉर्ड से सिर्फ़ एक कम।
सीख: शुरू करने में कभी देर नहीं होती।
10. क्रिस बमस्टेड: आज का क्लासिक

क्रिस बमस्टेड क्लासिक फ़िज़ीक में उतरते हैं, जो वज़न की सीमा वाली नई कैटेगरी है और ज़ेन और अर्नोल्ड जैसे पुराने अंदाज़ की बॉडी को इनाम देती है। इस कनाडाई ने इसे 2019 से 2024 तक लगातार छह बार जीता और फिर संन्यास ले लिया। वे अपनी पीढ़ी के सबसे ज़्यादा फ़ॉलो किए जाने वाले बॉडीबिल्डरों में से एक हैं।
सीख: सालों की लगन किसी भी शॉर्टकट से बेहतर है।
तो दुनिया का सबसे बेस्ट बॉडीबिल्डर कौन है?
ख़िताबों के हिसाब से ली हेनी और रोनी कोलमैन आठ-आठ ख़िताब के साथ बराबर हैं। शोहरत और असर के हिसाब से अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर का कोई मुक़ाबला नहीं। शेप के हिसाब से कई लोग आज भी फ़्रैंक ज़ेन को चुनते हैं। कोई एक सही जवाब नहीं है, और यही इसका मज़ा है।
हर चैंपियन में क्या एक जैसा था
- सालों की लगातार ट्रेनिंग। कोई भी महीनों में वहाँ नहीं पहुँचा।
- पहले बेसिक एक्सरसाइज़: स्क्वाट, प्रेस, रो और डेडलिफ्ट।
- भरपूर खाना और नींद, ताकि शरीर रिकवर होकर बढ़ सके।
- हिसाब रखना: उन्हें अपने वज़न याद रहते थे और वे उन्हें हराने की कोशिश करते थे।
इन सीखों को अपनाने के लिए ओलंपिया के मंच पर जाने की ज़रूरत नहीं। बेसिक एक्सरसाइज़ सही फ़ॉर्म से शुरू कीजिए, हर हफ़्ते थोड़ा वज़न या एक रेप बढ़ाइए, और लगे रहिए। आसान प्लान के लिए पढ़िए हमारी गाइड जल्दी बॉडी कैसे बनाएं।
ख़िताब ओलंपिया की सूची के अनुसार हैं। पूरा इतिहास विकिपीडिया के मिस्टर ओलंपिया पेज पर देखें।
यह लेख सामान्य जानकारी है, डॉक्टर की सलाह नहीं। अगर चोट या कोई बीमारी है, तो नया वर्कआउट या डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
